23 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस

23 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस

अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस: हर साल, 23 ​​सितंबर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (International Day of Sign Languages) के रूप में मनाया किया जाता है। 

मुख्य बिंदु:

  • यह दिन सांकेतिक भाषाओं  (साइन लैंग्वेज) के बारे  में जागरूकता बढ़ाने और सांकेतिक भाषाओं की स्थिति को मजबूत करने के लिए मनाया जाता है। 
  • इसके अलावा, सितंबर के पुरे अंतिम सप्ताह को International Week of the Deaf यानि अंतर्राष्ट्रीय बधिरता सप्ताह के रूप में मनाया जाता है।
  • यह दिवस 2018 से मनाया जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस का इतिहास:

  • 23 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस मनाने के लिए चुना गया है क्योंकि इस दिन World Federation of the Deaf का गठन किया गया था। 
  • यह बधिरों का विश्व संघ  है जो अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस मनाने की अवधारणा लेकर आया था।
  • सांकेतिक भाषाओं का पहला अंतर्राष्ट्रीय दिवस 2018 में बधिरों के अंतर्राष्ट्रीय सप्ताह के साथ मनाया गया था। 
  • इस सप्ताह को पहली बार 1958 में World Federation of the Deaf द्वारा मनाया गया था।
  • वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डेफ के अनुसार, पूरी दुनिया में 72 मिलियन से अधिक बधिर लोग हैं। 80% से अधिक बधिर लोग विकासशील देशों में रहते हैं और 300 से अधिक सांकेतिक भाषाओं का उपयोग करते हैं।

सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goals – SDG):

  • विश्व में विकलांगता की व्यापकता संयुक्त राष्ट्र SDG के लक्ष्य 10 से निकटता से संबंधित है। 
  • लक्ष्य 10 सभी के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समावेश को सशक्त और बढ़ावा देकर देशों के बीच असमानता को कम करने का प्रयास करता है। 
  • इसमें विकलांग व्यक्ति भी शामिल हैं।